• Home
  • National news
  • काशी के शिल्पकार ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ से बढ़ा रहे देशभक्ति, गुलाबी मीनाकारी की बढ़ी डिमांड; PM-CM से खास मांग

काशी के शिल्पकार ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ से बढ़ा रहे देशभक्ति, गुलाबी मीनाकारी की बढ़ी डिमांड; PM-CM से खास मांग

*(शीतल निर्भीक ब्यूरो)*

वाराणसी। ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने दुश्मन देश पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए। वहीं, हाल में में ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एवं टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन भी हुआ है। इसे देखते हुए गिफ्ट, सोविनियर और घर की सजावट-शोभा बढ़ाने के लिए काशी के गुलाबी मीनाकारी के शिल्पकारों के पास ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ की मांग बढ़ गई है।

जीआई और एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल इस प्राचीनतम हस्तशिल्प से बने ब्रह्मोस मिसाइल का ऑर्डर शिल्पियों के पास बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश के जीआई और ओडीओपी उत्पादों के ब्रांड एम्बेसडर खुद वाराणसी के सांसद-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं।

काशी के गुलाबी मीनाकारी के कुशल कलाकारों ने देशभक्ति प्रकट करते हुए शिल्प कला के रूप में ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ बनाया है। इसमें पारंपरिक शिल्प कौशल और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

*पीएम और सीएम से की मांग*

गुलाबी मीनाकारी से ब्रह्मोस बनाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिल्पी कुंज बिहारी सिंह ने बताया कि गुलाबी मीनाकारी के सभी शिल्पियों की तरफ से बनारस गुलाबी मीनाकारी से बना ब्रह्मोस मिसाइल मोदी -योगी और सेना के जवानों को समर्पित है। बनारस की इस खास शिल्प से बने मिसाइल को वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट करना चाहते हैं।

कुंज बिहारी ने बताया कि योगी सरकार ने गुलाबी मीनाकारी को पुनर्जीवित करते हुए हर शिल्पियों के हाथों को काम दिया है, जिससे जीआई और ओडीओपी उत्पाद में शामिल हस्तकला गुलाबी मीनाकारी का परचम पूरी दुनिया में फहरा रहा है।

ब्रह्मोस मिसाइल, जो पहले से ही अपनी तकनीकी श्रेष्ठता के लिए जानी जाती है, वह अब बनारस की गुलाबी मीनाकारी की कलात्मकता से भी जुड़ गई है। ये न केवल रक्षा क्षेत्र, बल्कि कला और शिल्प जगत में भी नया आयाम स्थापित कर रही है। इस उत्पाद के लिए मिलने वाले ऑर्डर निश्चित रूप से स्थानीय शिल्पकारों और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देंगे। गुलाबी मीनाकारी का सालाना कारोबार लगभग 12 से 15 करोड़ का है,इससे लगभग 250 से अधिक शिल्पी जुड़े है।

*गुलाबी मीनाकारी की बढ़ी डिमांड*

अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के समय बनारस गुलाबी मीनाकारी की कारीगरी से बने राम मंदिर की मांग बढ़ गई थी। शिल्पियों ने बताया कि अब इस क्राफ्ट से निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल की मांग बढ़ रही है। फिलहाल सैकड़ों ऑर्डर देश के विभिन्न जगहों से मिल चुके हैं। अलग-अलग साइज के इस क्राफ्ट की कीमत दस से लेकर 25 हजार तक की है।

स्टेट अवार्डी शिल्पी शालिनी यादव और प्रभात विश्वकर्मा ने बताया कि सोने-चांदी से बहुत बारीकी से इस क्रॉफ्ट को बनाया जाता है। इसे बनाने में समय भी लगता है। शिल्पी बाबू सोनी, दीपक विश्वकर्मा आदि ने बताया कि बनारस गुलाबी मीनाकारी के उत्पादों को उपहार, सोविनियर, घरो में सजाने आदि के लिए खूब पसंद किया जाता है।

इसका ऑर्डर साल भर मिलता रहता है। पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विदेशी राजनयिकों और गणमान्य लोगों को भेंट में जीआई और ओडीओपी उत्पाद देते रहते हैं और लोगों से उपहार में इसे देने की अपील करते हैं।

Releated Posts

मिशन शक्ति की गूंज: उभांव थाना पुलिसने महिलाओं को दिया सुरक्षा का भरोसा

बिल्थरारोड (बलिया)। समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को मजबूत आधार देने के लिए मंगलवार को उभांव…

ByByvrituverma05@gmail.com Sep 30, 2025

सही तिथि पारण समय बताकर भक्तों की शंका दूर की ज्योतिषाचार्य वैभव शुक्ला

नवरात्रि व्रत-पूजन का शुभ विधान: सही तिथि पारण समय बताकर भक्तों की शंका दूर की ज्योतिषाचार्य वैभव शुक्ला…

ByByvrituverma05@gmail.com Sep 29, 2025

जीएम एकेडमी में धूमधाम से मना चेयरमैन डॉ.श्रीप्रकाश मिश्र का जन्मदिन

गोरखपुर-सलेमपुर-बरहज की ब्रांचों में छात्रों और शिक्षकों ने दिया ढेरों आशीर्वाद…. (शीतल निर्भीक ब्यूरो)सलेमपुर/बरहज/गोरखपुर। पूर्वांचल की शिक्षा जगत…

ByByvrituverma05@gmail.com Sep 27, 2025

प्राचीन कोट मां भगवती देवी मंदिर पर शारदीय नवरात्र के पहले दिन ही श्रद्धालुओ का उमड़ा जनसैलाब

रिपोर्ट विनय पाठक चंदौली जिला सिकंदरपुर का प्राचीन नाम सैकड़ों वर्ष पूर्व दाशीपुर था चंदौली। चकिया दिनांक 22/09/2025…

ByByvrituverma05@gmail.com Sep 22, 2025

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

काशी के शिल्पकार 'ब्रह्मोस मिसाइल' से बढ़ा रहे देशभक्ति, गुलाबी मीनाकारी

You cannot copy content of this page